राजस्थान के भूतिया हलवाई की मिठाई खाने दूर-दूर से क्यों आते है लोग, इस दुकान पर जाते ही सब हो जाते है हैरान

 
Why do people come from far and wide to eat the sweets of Rajasthan's ghostly confectioner, everyone gets surprised as soon as they go to this shop

अजमेर। क्या आनपे ‘भूतिया हलवाई‘ ('Ghostly Confectioner') की दूकान का नाम सुना क्या? तो आप कहेगें ना, लेकिन हम आपको ऐसी दुकान के बारें में बताने जा रहे है। राजस्थान के अजमेर शहर में ‘भूतिया हलवाई की एक जानी मानी दुकान (A well-known shop of 'bhootiya confectionery' in Ajmer city of Rajasthan) है, जिसकी ब्रांच जयपुर में भी है। दुकान का नाम सुनते ही ग्राहक सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर इसे ‘भूतिया हलवाई‘ ('Ghostly Confectioner') क्यों कहते हैं। इस दुकान के ग्राहकों का कहना है कि यहां कि मिठाई के जैसा स्वाद और कहीं नहीं मिलता (Here the taste of sweets is not found anywhere else)। दरअसल अंग्रेजों के जमाने में खुली यह ‘भूतिया हलवाई‘ के पीछे कई सारी कहानियां हैं।

अलग अलग कहानी बयां करते हैं ग्राहक
कोई कहता है कि दुकान के सबसे पहले मालिक का भूत मिठाई बनाने वालों के अंदर आ जाता है और मिठाइयां बनाता है, तो कोई कहता है कि इस दुकान में रात को भूत खुद मिठाई बनाते हैं। कुछ ये भी कहते हैं कि रात को इस मिठाई की दुकान में भूतों के लिए मिठाई रखी जाती है जिसे भूत रात को खाते हैं। कुल मिलाकर लोगों का यह कहना है कि ‘भूतों‘ से ही इस मिठाई की दुकान में बरकत आई है।

भूतिया मिठाई के पीछे असली कहानी क्या है?
आपके अंदर भी यह जानने कि जिज्ञासा होंगी कि इस दुकान का नाम ‘भूतिया हलवाई‘ कैसे पड़ा। दअसल मथुरा के रहने वाले लालजी मूलचंद गुप्ता ने अलवर गेट इलाके में 1933 में एक मिठाइयों की दुकान खोली। उस समय उस इलाके में न तो किसी का घर था न ही कोई और अन्य दुकान। उस सुनसान इलाके के पास बस एक रेलवे कारखाना हुआ करता था। लालजी के बेटे बताते हैं कि अंग्रेजों ने उस समय नियम बनाए हुए थे कि सभी दुकाने शाम 5 बजे बन्द हो जानी चाहिए। 5 बजे दुकान बंद तो हो जाती थी, लेकिन लालजी रातभर अपनी दुकान में बैठकर मिठाइयां बनाया करते थे।

दुकान शाम 5 बजे बंद हो जाती थी
सुनसान इलाका होने के कारण लोगों का कहना था कि वहां भूतों का डेरा है। दुकान शाम 5 बजे बंद हो जाती थी लेकिन सुबह-सुबह लोगों को मिठाइयों का ढ़ेर दिखता तो लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि रात को भूत यहां मिठाई बनाते हैं। जब सबको पता चला कि लालजी ही रात में दुकान में मिठाइयां बनाते हैं तो लोगों ने उन्हें ‘भूतिया हलवाई‘ के नाम से बुलाना शुरू कर दिया। ‘भूतिया हलवाई‘ अब एक ऐसा ब्रांड बन चुका है कि राजस्थान जाने वाले लोग अजमेर के ‘भूतिया हलवाई‘ कि मिठाई तो जरूर खाते हैं। लालजी के पोते और उनके बेटे बताते हैं कि वह मिठाइयों कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करते। यही वजह है कि देश भर से आने वाले लोग ‘भूतिया हलवाई‘ की मिठाई जरूर खाते हैं।