रक्त की कमी से जूझ रही गर्भवती को इस IAS अधिकारी ने दिया जीवनदान, दिया मानव सेवार्थ का बढ़ा संदेश

- जिला कलक्टर ने मानव सेवार्थ किया रक्तदान 
 
This IAS officer gave life to a pregnant woman suffering from lack of blood, gave an increased message of human service
मंगलवार को नैनवां तहसील के बाक्या गांव निवासी ओमप्रकाश मीणा ने जिला कलक्टर से मिलकर बताया कि उसकी परित्यकता पुत्री गर्भवती है और कभी भी प्रसव हो सकता है। चिकित्सक ने चार यूनिट ब्लड की आवश्कता बताई है। बड़ी मुश्किल से वह एक यूनिट ब्लड का इंतजाम कर पाया और अब ब्लड़ की व्यवस्था करने में असमर्थ है। इस पर जिला कलक्टर ने मानवीय संवेदना जताते हुए स्वयं ही रक्तदान करने का निर्णय लिया। इसके बाद जिला कलक्टर ने अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। अपनी गर्भवती पुत्री के लिए जिला कलक्टर द्वारा किए गए रक्तदान के लिए ओमप्रकाश मीणा ने जिला कलक्टर को हृदय से आभार जताया और उनके मानव सेवा के जज्बे को खूब सराहा।

बूंदी। राजस्थान के एक आईएएस अधिकारी (An IAS Officer From Rajasthan) ने रक्त की कमी से जूझ रही गर्भवती को रक्त देकर मानव सेवार्थ का ऐसा संदेश दिया (gave such a message of human service) कि बूंदी जिले सहित पूरे प्रदेश में उनके इस कार्य की प्रशंषा होने लगी है। बूंदी जिले में तैनात जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी (District Collector Dr. Ravindra Goswami) ने यह मानव सेवा का कार्य कर ब्यूरोक्रेसी सहित आमजन में मिसाल कायम कि है, हालांकि जिले उनके तीन नवाचार भी चर्चा में है जिनकी भी हर कोई तारीफ कर रहा है। जिनमें बेहतरीन बूंदी, कॉफी विद कलेक्टर, और बच्चों में तनाव और अवसाद दूर करने के लिए ‘मानस’ अभियान चला रखा है।

जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने मंगलवार को जिला अस्पताल के ब्लड़ बैंक पहुंचकर मानव सेवार्थ रक्तदान कर आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। मानव सेवार्थ किए गए जिला कलक्टर के रक्तदान से 9 माह की परित्यकता गर्भवती अंजलि का जीवन सुरक्षित हो सका। 

मंगलवार को नैनवां तहसील के बाक्या गांव निवासी ओमप्रकाश मीणा ने जिला कलक्टर से मिलकर बताया कि उसकी परित्यकता पुत्री गर्भवती है और कभी भी प्रसव हो सकता है। चिकित्सक ने चार यूनिट ब्लड की आवश्कता बताई है। बड़ी मुश्किल से वह एक यूनिट ब्लड का इंतजाम कर पाया और अब ब्लड़ की व्यवस्था करने में असमर्थ है। 

इस पर जिला कलक्टर ने मानवीय संवेदना जताते हुए स्वयं ही रक्तदान करने का निर्णय लिया। इसके बाद जिला कलक्टर ने अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। अपनी गर्भवती पुत्री के लिए जिला कलक्टर द्वारा किए गए रक्तदान के लिए ओमप्रकाश मीणा ने जिला कलक्टर को हृदय से आभार जताया और उनके मानव सेवा के जज्बे को खूब सराहा।
 
’रक्तदान के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि रक्तदान कर उन्हें बड़ी खुशी मिल रही है कि उनका रक्त किसी के काम आया और वह जरुरतमंद के लिए सहायक बने। उन्होंने कहा कि रक्त को बनाया नहीं जा सकता है। रक्त मानव से लेकर ही मरीज को चढ़ाया जाता है। इसलिए हर किसी को रक्तदान करना जरुरी है। 

जरुरतमंदों की मदद करने से आत्मसंतुुष्टि भी मिलती है। नियमित रुप से रक्तदान करने से शरीर भी स्वस्थ रहता है और बीमारियां भी दूर रहती है। हर व्यक्ति को एक वर्ष में कम से कम तीन बार रक्तदान करना चाहिए जिससे की मानव सेवार्थ की मदद के साथ ही अपने शरीर को भी स्वस्थ्य रखा जा सके। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।’