राजस्थान में लंपी वायरस से 6 हजार गायों की मौत, 35 हजार संक्रमित, CM गहलोत ने केंद्र से मांगी सहायता

 
In Rajasthan, 6 thousand cows died due to lumpy virus, 35 thousand infected, CM Gehlot sought help from the center

जयपुर। राजस्थान के 33 में से 17 जिलों में गायों पर लंपी चर्म रोग फैल चुका (Lumpy skin disease has spread on cows in 17 out of 33 districts of Rajasthan.) है। लंपी चर्म रोग के कारण प्रदेश में अब तक करीब छह हजार गायों की मौत (So far about six thousand cows have died in the state due to lumpy skin disease.) हो चुकी है। लंपी का सबसे ज्यादा कहर बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, बांसवाड़ा, नागौर और डूंगरपुर जिलों में फैला है। इन जिलों में पांच दिन से प्रतिदिन 300 से 350 गायों की मौत हो रही है। प्रदेश में करीब 35 हजार गायों में यह रोग फैल चुका है।

इसपर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। गहलोत ने केंद्र सरकार से आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने का आग्रह किया है। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार गाय और बछड़ों को बचाने के लिए वित्तीय व आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस रोग को नियंत्रित करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। सरकार ने पशु मेलों और गायों के परिवहन पर रोक पहले ही लगा दी है। उधर, केंद्र सरकार की टीम पिछले तीन दिन से विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है।

वहीं, जयपुर स्थित हिंगोनिया गोशाला में 165 गायों में लंपी रोग फैल चुका है। करीब पांच सौ गायों में इसके लक्षण मिले हैं। इस गोशाला में 1500 गोवंश हैं। पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को गोशाला का दौरा कर गायों के इलाज को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। एक तरफ तो जहां गायों में लंपी रोग फैल रहा है। दूसरी तरफ जयपुर नगर निगम ने गोशाला में गायों को दिए जाने वाले अनुदान के चार करोड़ पांच लाख रुपये भुगतान पिछले छह महीने से नहीं किया है।

नगर निगम ने गोशाला के संचालन का जिम्मा श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट को सौंप रखा है। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखकर कहा कि पैसा नहीं मिलने से यदि किसी भी तरह की अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी हेरिटेज नगर निगम की होगी। पैसा नहीं मिलने के कारण गायों के लिए चारे का प्रबंध भी सही तरह से नहीं हो पा रहा है। श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट के प्रवक्ता सिद्ध स्वरूप दास ने कहा कि पिछले 6 महीने से अनुदान नहीं मिलने से हालत बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।