बूंदी : ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग से गैंगरेप-हत्या के मामले में पॉस्को कोर्ट ने दो आरोपियों को मृत्यु दंड की सुनायी सजा

- घटना के महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार
- पुलिस ने मामले स्पेशल केस ऑफिसर स्कीम में लेकर 14 दिन में अनुंसंधान पुर्ण कर कोर्ट में पेश की चार्जशीट 
- मामले में तीसरे आरोपी नाबालिग को लेकर जेजे कोर्ट में सुनवाई जारी 
 
Bundi: Historic verdict, Posco court sentenced two accused to death in the case of gangrape-murder with a minor
घटना को लेकर स्वयं जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव 10 स्थानों के पुलिस जाप्ते व आरएसपी की दो टीमों सहित 200 जवानों के साथ रात भर सर्द रात में हत्या का सुराग लगाने के लिए जंगल में ड्रैगन लाइट व अन्य संसाधनों के साथ जुटे रहे थे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड का भी सहारा लिया था।
बूंदी। बसोली थाना क्षेत्र के खिण़्या पंचायत के काला कुआं गांव (Kala Kuan village of Khinya Panchayat of Basoli police station area) के जंगल में 15 वर्षीय नाबालिग की गैंगरेप के बाद हुई हत्या के मामले में वारदात (Incident in the murder of a 15-year-old minor after the gang rape) के महज 4 महीने के भीतर न्यायालय पॉस्को संख्या -2, न्यायधीश बालकृष्ण मिश्र ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए घटना के दो आरोपियों को मृत्यु दंड (While delivering the historic verdict, two accused of the incident were sentenced to death) एवं 1लाख 20 हजार के अर्थ दंड की सजा सुनायी है।

हिंडोली उपखंड के खिंण्या पंचायत के काला कुआं गांव में 23 दिसंबर 2021 को एक 15 वर्षीय किशोरी का जंगल के क्लोजर में नग्न अवस्था में शव मिला था, उसके शरीर पर कई चोट के निशान थे। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही की और घटना के महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की थी जबकि एक नाबालिग को निरूद्व किया गया था। पुलिस ने मामले स्पेशल केस ऑफिसर स्कीम में लेकर 14 दिन में अनुंसंधान पुर्ण कर आरोपियो के विरूद्व कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

घटना को लेकर स्वयं जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव 10 स्थानों के पुलिस जाप्ते व आरएसपी की दो टीमों सहित 200 जवानों के साथ रात भर सर्द रात में हत्या का सुराग लगाने के लिए जंगल में ड्रैगन लाइट व अन्य संसाधनों के साथ जुटे रहे थे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड का भी सहारा लिया था, जिन्होने मिली आरोपी की चड्डी होने का का संकेत दिया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियो को हिरासत में लेकर गहन पुछताछ की जिसमें आरोपियो ने शराब के नशे में बारी-बारी से दुष्कर्म की वारदात करने व किसी को नही बताने की बात कहते हुए पत्थर मारकर हत्या कर दी थी।

कोर्ट मामले में ऐसा फैसला दे जो नजीर बने और समाज में एक संदेश जाए- PP

न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने पीड़िता की ओर से पैरवी करते हुए दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों को कठोर से कठोर सजा देने का अनुरोध किया। विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने कोर्ट में कहा कि जिस बेरहमी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की गई मृत्युदंड से कम कोई सजा नहीं हो सकती, बच्ची को बुरी तरह दातों से जगह-जगह काटा गया, नाखूनों से नोचा और घसीटा गया, पत्थर मारे गए, चुन्नी से गला घोट कर हत्या की गई। हत्या के बाद भी लाश के साथ दुष्कर्म किया गया। कोर्ट मामले में ऐसा फैसला दे जो नजीर बने और समाज में एक संदेश जाए।

जिस पर न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद गुरुवार को फैसले को सुरक्षित रखते हुए शुक्रवार को मामले का निर्णय दिया गया। जिसमें आरोपी सुल्तान भील 27 वर्षीय, छोटू लाल भील 62 वर्षीय निवासी काला कुआं को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड व 1 लाख 20 हजार के अर्थ दंड की सजा से सुनायी है। वहीं मामले में तीसरे आरोपी नाबालिग को लेकर जेजे कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

गौरतलब है कि यह घटना प्रदेश की सुर्खियों में आ गयी थी। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मृतका के परिजनों से मोबाइल पर बात कर घटना की जानकारी ली एवं सांत्वना दी थी। वहीं मुख्यमंत्री गहलोत के कार्यालय से भी घटना को लेकर जानकारी ली गई थी।