राजस्थान से रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान, मानवतस्करी गिरोह युवक को थाईलैंड ले गया, फिर जहाज में बंधक बनाकर अवैध रूप से मलेशिया पहुंचाया

- भारत से लेकर थाईलैंड और मलेशिया तक फैला हुआ है मानव तस्करी गिरोह के एजेंटों का जाल..
- कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा की शिकायत के बाद सक्रिय हुआ विदेश मंत्रालय, मलेशिया भारतीय उच्चायोग ने शुरू किये प्रयास 
 
A horrifying story from Rajasthan, the human trafficking gang took the young man to Thailand, then took him hostage in a ship and illegally transported him to Malaysia
चुरू/ बूंदी। राजस्थान के चुरू जिले के रामसर (Ramsar in Churu district of Rajasthan) के रहने वाले गरीब युवक को मानव तस्करी गिरोह (Human trafficking gang to poor youth) के द्वारा विदेश में रोजगार का झांसा देकर पहले थाईलैंड (Thailand first on the pretext of employment abroad) ले जाकर और वहां से अवैध रूप से जहाज में बंधक बनाकर मलेशिया पहुंचाने रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला (The hair-raising case of being taken hostage in a ship illegally to Malaysia) सामने आया है।

राजस्थान के चुरू जिले के रामसर के रहने वाले सुनील कुमार शर्मा ने मलेशिया से विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए कार्य करने वाले बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से अपने परिवार के पास भारत पहुंचाने की गुहार लगाते हुये सारे घटनाक्रम की जानकारी दी तो शर्मा के भी पैरों तले जमीन खिसक गयी। युवक के बुजुर्ग पिता जुगल किशोर शर्मा को भी अपने पुत्र सुनील के मलेशिया में फंसने के बाद अब उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है।

अवैध रूप से मलेशिया पहुंचने से जान के लाले पड़े..
मलेशिया से सोशल मीडिया के माध्यम से सुनील कुमार ने बताया कि कि राजस्थान के चूरू में रहने वाले एजेंट ने उसे एक लाख पाँच हजार रुपये में मलेशिया में वैध तरीके से वर्क वीजा के साथ रोजगार दिलवाने का वादा किया था। अपने गरीब परिवार का पालन पोषण करने के लिये वह एजेंटो के झांसे में आकर उनके जाल में फंस गया।एक ओर जहां एजेंट ने एक लाख पाँच हजार रुपये के स्थान पर एक लाख 35 हजार रुपये उससे दबाव डालकर वसूल लिये वहीं उसे मलेशिया के स्थान पर पहले थाईलैंड ले जाकर वहां से अवैध रूप में जहाज में बंधक बनाकर बिना वीजा के ही मलेशिया में ले जाकर छोड़ दिया गया।अवैध रूप से मलेशिया पहुंचने से उसका जीवन संकट में आ गया है। मलेशिया में अवैध रूप में रहने से कभी भी गिरफ्तार होने का डर है और जान के लाले पड़ रहे हैं। वहीं ब्याज पर उधार लाकर 1लाख 35 हजार रूपये देने के बाद भी एजेंट अब उल्टी धमकियां देने लगा है।

भारतीय उच्चायोग को दी सारी घटनाक्रम की जानकारी
भारतीय नागरिक सुनील कुमार शर्मा को मानव तस्करी गिरोह द्वारा अवैध रूप से मलेशिया पहुंचाने के मामले  विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिये कार्य करने वाले बूंदी राजस्थान के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा के द्वारा नई दिल्ली विदेश मंत्रालय को अवगत करवाने के बाद मलेशिया कुआलालंपुर भारतीय उच्चायोग भी सक्रिय हो गया है। भारतीय उच्चायोग ने इस मामले में चर्मेश शर्मा से संपर्क साधते हुये उनसे सारे मामले की जानकारी ली है। शर्मा ने भारत सरकार और मलेशिया भारतीय उच्चायोग से पीड़ित भारतीय नागरिक सुनील कुमार की मानवीय आधार पर सहायता का आग्रह करते हुये शीघ्र सकुशल परिवार के पास भरत पहुंचाने की मांग की है। शर्मा की शिकायत पर विदेश मंत्रालय ने भी अधिकृत रूप से मामला दर्ज करते हुये भारतीय उच्चायोग को कार्यवाही के निर्देश दिये है।

राजस्थान से लेकर मलेशिया तक फैला हुआ है एजेंटों का जाल
पीड़ित युवक ने मलेशिया से सोशल मीडिया व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बताया कि वह विगत 25 अगस्त को अपने घर रामसर चूरू से नई दिल्ली गया था। नई दिल्ली से फ्लाइट से 26 अगस्त को कोलकाता पहुंचा। 27 अगस्त को कोलकाता से फ्लाइट से बैंकॉक के लिये रवाना किया गया और 28 अगस्त को सुबह वह बैंकॉक पहुंच गया था।सुनील ने बताया कि चुरू से लेकर थाईलैंड और मलेशिया तक मानवतस्करी गिरोह के एजेंटों और इनके लोगों का जाल फैला हुआ है।

चूरू में इकबाल खान नाम के एजेंट ने पासपोर्ट पर स्टांप लगवाकर वर्क वीजा बनवाकर मलेशिया में रोजगार दिलवाने के लिये 1लाख 35 हजार तो वसूल लिये लेकिन बदले में उसे धोखा ही मिला और अवैध रूप में मलेशिया पहुंचने से उल्टे जान के लाले पड़ गये हैं। उसे पहले भारत से बैंकॉक पहुंचाया गया और वहां पर जो व्यक्ति मिला उसने ट्रेन से 18 घण्टे के सफर के बाद हतायी रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया। पीड़ित सुनील ने बताया कि हतायी रेलवे स्टेशन पर भी इस गिरोह के लोग मिले लेकिन वहां से उसे मलेशिया का वर्क वीजा बनवाने के स्थान पर 30 अगस्त को थाईलैंड से अवैध रूप से जहाज में बंदकर मलेशिया ले जाकर छोड़ दिया गया। उसने जहाज में बिना वीजा ले जाने का विरोध विरोध किया तो एजेंट गिरोह से जुड़े व्यक्ति ने धमकी देकर चुप करवा दिया। मलेशिया में भी हैदर व जगतार दो लोग हैं जो इस तरह अवैध रूप से पहुंचे हुये लोगों को डरा धमकाकर कहीं पर भी जबरन मजदूरी करवाने के लिए रख देते हैं और जिसके पास मजदूरी करवाने के लिए रखते हैं उससे भी मोटा कमीशन लेते हैं।