राजस्थान के निवासी एक भारतीय नागरिक के शव के साथ यह कैसी बर्बरता

114 दिन बाद रूस की सरकार ने अंतिम संस्कार के लिये हितेंद्र के शव को भारत भेजने से किया इनकार
दाह संस्कार के बजाय रूस में ही दफनाने की तैयारी
भारतीय राजदूत वेंकटेश वर्मा ने कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा को दी जानकारी
 
हितेंद्र गरासिया

बून्दी/ उदयपुर । जब दो देशों में युद्ध होता है तो युद्घ में मृत्यु के बाद शत्रु देश के सैनिक के शव को भी  अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार विधिवत अंतिम संस्कार के लिये उस देश को सौंप दिया जाता है। लेकिन 17 जुलाई 2021 को रूस में मृत राजस्थान के उदयपुर जिले के गोड़वा गाँव के निवासी हितेंद्र गरासिया के शव को रसियन सरकार ने अंतिम संस्कार के लिये भारत भेजने से मना कर दिया है।

114 दिन बाद भी अंतिम संस्कार के लिये भारत आने का इंतजार कर रहे राजस्थान के निवासी भारतीय नागरिक स्व हितेंद्र गरासिया के बारे में  दु:खद और चौकाने वाली खबर आयी है।विदेश मंत्रालय की ओर से रूस में भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा द्वारा विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए कार्य करने वाले राजस्थान के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा को दी गयी जानकारी के अनुसार रूस की सरकार ने 28 अक्टूबर को भारतीय दूतावास को दिये जवाब में दिवंगत भारतीय नागरिक के शव को अंतिम संस्कार के लिये भारत भेजने से साफ इनकार कर दिया है। साथ ही रूस की सरकार ने हितेंद्र गरासिया के शव को दाह संस्कार के बजाय दफनाने की बात कही  है। 

भारतीय दूतावास का अनुरोध ठुकराया
विदेश मंत्रालय रूस में भारतीय राजदूत की ओर से लिखित में बताया गया कि भारतीय दूतावास ने रशियन फेडरेशन से अंतिम संस्कार के लिये भारतीय नागरिक का शव देने का अनुरोध किया था। जिस पर 28 अक्टूबर 2021 को रशियन फेडरेशन ने अपना जवाब देते हुए कहा कि भारतीय नागरिक हितेंद्र गरासिया के शरीर को फॉरेंसिक जांच के लिये रखा गया है। लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद भी दिवंगत देह को अंतिम संस्कार के लिए भारत ले जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

पहली बार बताया म्रत्यु का कारण
कांग्रेस नेता शर्मा को भेजे जवाब में भारतीय दूतावास की ओर से पहली बार हितेंद्र गरासिया की मृत्यु का कारण बताया गया है।भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने बताया कि ऊंचाई से गिरने के कारण भारतीय नागरिक की मृत्यु हुई थी और हितेंद्र का शव रसियन पुलिस को मॉस्को के एक पार्क में मिला था।

 शिकायत पर दिया जवाब
हितेंद्र गरासिया की रूस में मृत्यु के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए शव भारत नहीं आने के मामले में राष्ट्रीय मान कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करवायी थी। जिस पर आयोग ने भारत सरकार के विदेश सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिये थे।शर्मा ने  16 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम ज्ञापन भेजते हुये भारत सरकार की पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत MEAPD/E/2021/09184 दर्ज करवाकर  भारत सरकार से हितेंद्र गरासिया के शव को तत्काल प्रभाव से भारत लाने की मांग की थी। जिस पर विदेश मंत्रालय ने रूस में भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा को कार्यवाही केB निर्देश दिये थे।इस पर 3 नवंबर को भारतीय राजदूत की ओर से आधिकारिक जवाब दिया गया। जिसकी सूचना शर्मा को रविवार मिली।

घोर अन्याय, संघर्ष करेंगे
विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय राजदूत के जवाब के बाद कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों व मानव अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। यह भारतीय नागरिक हितेंद्र गरासिया के साथ 130 करोड़ भारतीयों के साथ सरासर अन्याय है जिसका कड़ा विरोध किया जायेगा। शर्मा ने कहा कि विदेश मंत्रालय को रसियन सरकार के शर्मनाक जवाब की जानकारी उन्हें देने के बजाय रसियन सरकार के समक्ष ही कड़ा विरोध दर्ज करवाना चाहिये था।उन्होंने कहा कि  हितेंद्र गरासिया के शव को भारत लाना और विधिवत अंतिम संस्कार  देश की अस्मिता का सवाल है। यह मामला प्रत्येक भारतीय नागरिक के स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। इससे शर्मनाक बात क्या होगी कि हिंदू धर्म के अनुयायी भारतीय नागरिक के दाह संस्कार के बजाय दफनाने की बात की जा रही है।