प्रियंका गांधी की रात के समय बिना वारंट गिरफ्तारी पर UP सरकार व पुलिस को लगा झटका

 
PRIYANKA GANDHI

बूंदी। प्रियंका गाँधी की यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को अवैधानिक व आपराधिक कृत्य बताते हुये बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा द्वारा मानव अधिकार आयोग में की गयी शिकायत पर रविवार रात आयोग द्वारा केस दर्ज करने से मामले में नया रंग आ गया है। गत 3 अक्तूबर को उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में पीड़ित किसान परिवारों से मिलने जा रही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी को रात के समय बिना मजिस्ट्रेट वारंट  सीतापुर में गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने 31 अक्टूबर  को केस दर्ज कर लिया है।

इस मामले में बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का नाम शिकायत दर्ज करवायी थी। जिसमे प्रियंका गांधी की रात के समय गिरफ्तारी को महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुये राजनैतिक दबाव में कानून के उल्लंघन के दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गयी थी। शिकायत के 25 दिन बाद मानव अधिकार आयोग द्वारा केस दर्ज करने से इस मामले में प्रदेश सरकार व पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। उल्लेखनीय है कि चर्मेश शर्मा पूर्व में भी प्रियंका गांधी के कार्यालय के माध्यम से उत्तर प्रदेश के प्रवासी लोगों की सहायता के अभियान से जुड़े रहे हैं। 

 रात को नहीं हो सकती महिला की गिरफ्तारी

जिस शिकायत पर मानव अधिकार आयोग  केस दर्ज हुआ है उसमे कहा गया है कि संविधान के अनुसार सूर्यास्त से लेकर अगले दिन सूर्याेदय तक पुलिस द्वारा किसी भी महिला की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। इस विषय में उच्चतम न्यायालय ने भी सभी राज्य सरकारों को विशेष दिशा निर्देश दिये हुये हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस अधिकारियों ने देर रात के समय प्रियंका गांधी को एक महिला होने के बावजूद गिरफ्तार कर गैर कानूनी आचरण किया है।

विशेष परिस्थिति में मजिस्ट्रेट वारंट जरूरी
सीतापुर में प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के मामले में  मानव अधिकार आयोग में की गयी शिकायत में पुलिस अधिकारियों पर सीआरपीसी धारा 46 में वर्णित महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुये कहा है कि बहुत ही विशेष परिस्थिति में रात के समय किसी महिला की गिरफ्तारी की जाये तो उसके लिये भी प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट का वारंट जरूरी है।

शिकायत के 25 दिन बाद  केस दर्ज
कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के नाम कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को गिरफ्तार करने वाले उत्तरप्रदेश पुलिस के अधिकारियों के विरुद्ध नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने (
INDIGNITY OF WOMEN) की शिकायत की थी। जिस पर अब मानव अधिकार आयोग ने केस दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर रात को किसानों से मिलने लखीमपुर खीरी जा रही प्रियंका गांधी को सीतापुर में यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके साथ राजस्थान एनएसयूआई के अध्यक्ष रहे एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा व प्रियंका गांधी के निजी सहायक संदीप को भी गिरफ्तार किया था।