राजस्थान कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनने की दोड़ में विधायक और वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली तक दौड़

 
राजस्थान कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनने की दोड़ में विधायक और वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली तक दौड़

जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस संगठन जिलाध्यक्ष बनने के लिए अब दौड़ दिल्ली तक पहुंच गई है। जब से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को यह लगने लगा है कि अब राजनीतिक नियुक्तियों में पहले ही देरी हो चुकी है। ऐसे में अगर वह जिलाध्यक्ष बन जाएंगे तो इसके साथ ही उन्हें केवल 20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष के तौर पर राजनीतिक नियुक्ति मिल जाए। बल्कि 2 साल बाद आने वाले विधानसभा चुनाव में भी वह महत्वपूर्ण भूमिका में रह सकेंगे।

यही कारण है कि अब विधायक ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेता दिल्ली दौड़ लगाकर अपना नाम जिलाध्यक्ष की लिस्ट में जुड़वाने के लिए जतन कर रहे हैं। बीते एक सप्ताह में कई नेताओं ने दिल्ली का रास्ता भी देखा है। हालांकि राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अजय माकन के कोरोना संक्रमित हो जाने के कारण नेता उनसे मुलाकात नहीं कर पाये है। उनसे से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के जरिए वह अपनी बात माकन और प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

जिलाध्यक्ष के लिए लग रही दौड़ को लेकर राजस्थान कांग्रेस के सचिव जसवंत गुर्जर ने कहा कि संगठन से जुड़े नेता भले ही पहले मंत्री या अन्य बड़े पदों पर हों, लेकिन जो नेता संगठन से अपना जुड़ाव रखना चाहते हैं, उसकी पहली प्राथमिकता हमेशा से ही जिलाध्यक्ष की रही है। ऐसे में इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी माह जनवरी के अंत तक जिलाध्यक्षो की घोषणा की जा सकती है।