राजस्थान सरकार में एक बार फिर फेरबदल की क़वाद शुरू, मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद बदले जा सकते है 4 मंत्री

 
Once again the debate of reshuffle started in the Rajasthan government, 4 ministers can be changed after reviewing the work of the ministers

जयपुर। करीब सात महीने बाद एक बार फिर राजस्थान की कांग्रेस सरकार में फेरबदल की क़वायद (Once again the exercise of reshuffle in the Congress government of Rajasthan) की जा रही है। अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के तीन से चार मंत्री हटाकर इतने ही नये चेहरे शामिल किए जाने को लेकर कसरत शुरू (Work started to include the same number of new faces by removing three to four ministers of Ashok Gehlot cabinet.) हो गई है। मुख्यमंत्री गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच इसे लेकर बातचीत हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री प्रदेश प्रभारी अजय माकन से इस संबंघ में बातचीत करेंगे।

मौजूदा मंत्रियों के कामकाज की विभागवार समीक्षा के लिए 21 और 22 जुलाई को जयपुर में दो दिन का चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री गहलोत और डोटासरा मंत्रियों से करीब पौने चार साल पहले विधानसभा चुनाव में जारी किए गए जनघोषणा-पत्र के वादों और बजट घोषणााओं के क्रियान्वयन के बारे में फीडबैक लेंगे।

मंत्रियों से पूछा जाएगा कि अब तक कितने वादे और घोषणाएं पूरी की गई और यदि नहीं किए गए तो इसका कारण जाना जाएगा। चिंतन शिविर के पहले दिन केवल मंत्री ही शामिल होंगे। वहीं दूसरे दिन विभागों के प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्षों को भी बुलाया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के पास पहुंचे फीडबैक के अनुसार अधिकांश मंत्री आम जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाकर रखते हैं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिदिन होने वाली जनसुनवाई के बाद अन्य दिनों में मंत्री अपने आवास और दफ्तर में लोगों से नहीं मिलते हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने मंत्रियों को पहले भी कई बार कार्यकर्ताओं एवं आमजन से संपर्क में रहने की हिदायत दी है।

सूत्रों के अनुसार परिवहन, श्रम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और उर्जा विभाग विभाग में पार्टी नेतृत्व की मंशा के अनुसार कामकाम नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में इन विभागों के मंत्रियों को हटाकर संगठन में भेजने पर विचार किया जा रहा है। परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला, श्रम मंत्री सुखराम बिश्नोई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराज जुली और उर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारी या जिला कांग्रेस कमेटियों में अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगले महीने में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पुर्नगठन किया जाना है। अग्रिम संगठनों में भी बदलाव को लेकर काम किया जा रहा है।