गहलोत की बुलाई सर्वदलीय बैठक में नहीं पहुंची वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री बोले- राजे डर गई होंगी...

 
Gehlot's convened all-party meeting did not reach Vasundhara Raje, Chief Minister said - Raje must have been scared...

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (East Rajasthan Canal Project of Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot) (ERCP) को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Former CM Vasundhara Raje, Leader of Opposition Gulab Chand Kataria and BJP State President Satish Poonia) ने दूरी बना ली। इससे सीएम गहलोत नाराज हो गए। मुख्यमंत्री निवास पर सीएम गहलोत ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के नहीं आने पर सीएम गहलोत ने कहा कि योजना वसुंधरा सरकार ने बनाई थी। वसुंधरा कैबिनेट का फैसला था। हम तो सिर्फ भाजपा के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। 

सीएम ने कहा कि वसुंधरा राजे को मीटिंग में आना चाहिए था। राजे डर गई होंगी। वसुंधरा राजे मीटिंग में आती तो मैं उनसे पूछता कि योजना आपने बनाई है। पीएम मोदी ने आपको लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया। इसके बावजूद ईआऱसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है। सीएम गहलोत ने कहा कि राजे के नहीं आने का कारण समझ नहीं आ रहा है। जबकि शनिवार को राजे ने मीटिंग में आने की बात कही थी। हम रिसर्च करेंगे। 

सीएम गहलोत ने कहा कि ईआरसीपी वसुंधरा राजे की बनाई हुई योजना है। हमने सरकार बनने के एक दिन नहीं रोका। बल्कि काम बढ़ा दिया हमने, 9 हजार 600 करोड़ रख दिए उसके लिए, इसलिए योजना टाइम पर पूरी हो तो ज्याद ठीक है। हमने इन बातों का ध्यान रखा है, माई-बाप पब्लिक होती है। हम पब्लिक को अपील करते जाएंगे। हमारे काम को देखकर इस बार हमें मौका दें। रिफाइनरी 40 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट था। आज 70 हजार करोड़ रुपये का हो गया।

गहलोत ने पूनिया पर साधा निशाना 
सीएम गहलोत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पर भी निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि पूनिया पदयात्रा निकाल रहे हैं। पदयात्रा अहम है या फिर ईआरसीपी। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया भी नहीं आए। सीएम ने उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ से कहा कि हम इस मामले में राजनीति नहीं करना चाहते हैं। आप नेतृत्व कर लीजिए। हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम तो आप का काम ही आगे बढ़ा रहे है। 

पूनिया बौले- गहलोत राजनिति कर रहे है।
बैठक होने से पहले ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इसे सियासत बता दिया था। ऐसे में पूनिया का बैठक में शामिल नहीं हुए। पूनिया आज से जनजाति गौरव पदयात्रा शुरू कर दी है। ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच लंबे समय से सियासत चल रही है। कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार से ईआरसीपी को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की मांग कर रही है।