कांग्रेस अध्यक्ष चुनावीं अटकलों पर सचिन पायलट का बयान-राजनीति में जो दिखता है, वह होता नहीं

 
Congress President Election: Sachin Pilot's statement on speculation – What is seen in politics, does not happen

जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Former Deputy Chief Minister of Rajasthan and Congress leader Sachin Pilot)ने पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर जारी अटकलों पर बुधवार को कहा कि ‘राजनीति में जो दिखता है वह होता नहीं‘ ('What you see in politics is not what you see') और अक्टूबर में सब साफ हो जाएगा कि कौन पार्टी अध्यक्ष होगा।

यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पायलट ने कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जारी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘किसी ने पहले भी कहा है कि राजनीति में जो दिखता है वो होता नहीं, जो होता है व दिखता नहीं, इसलिए इंतज़ार कीजिए। सब सामने आएगा।‘ उन्होंने कहा कि पार्टी में चाहे वह हों या कोई और पार्टी का आदेश सबके लिए सर्वमान्य है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में खुले माहौल में चुनाव प्रक्रिया कराने का इतिहास रहा है उसे हम बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘बाकी किसी भी राजनीतिक दल में, खासकर खुद को दुनिया का सबसे बड़ा दल बताने वाली भारतीय जनता पार्टी में, मैं पूछना चाहता हूं कि नियुक्ति होती कैसे हैं, अध्यक्ष को कौन चुनता है, कौन नामांकन भरता है? आज तक मैंने देखा नहीं कि वहां कोई पर्चा दाखिल कर उम्मीदवारी कर रहा हो... कांग्रेस में (चुनाव) हो रहा है और अक्टूबर में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन पार्टी का अध्यक्ष होगा।

आजाद व अन्य नेताओं के पार्टी छोड़कर जाने पर उन्होंने कहा, ‘आज समय था भाजपा व केंद्र सरकार के खिलाफ चल रही मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का, अपनी भूमिका निभाने का, लेकिन कहीं न कहीं ये नेता अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटे हैं। जैसा सोनिया गांधी खुद कह चुकी हैं कि जिन लोगों को पार्टी ने इतना कुछ दिया, आज उनके लिए पार्टी को वापस देने का वक्त है। ऐसा करने के बजाय वह (नेता) पार्टी छोड़कर चले गए तो जनता व समय तय करेगा कि (उनका) यह निर्णय कितना गलत व कितना सही था।

महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक एक आश्वासन देना भी ठीक नहीं समझा कि हम महंगाई को काबू करेंगे। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा के सत्र में भी सरकार की ओर से इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया गया।पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए बड़ी चतुराई से काम करती है ताकि वे मुद्दा नहीं बन पाएं। उन्होंने कहा कि इस कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने हल्लाबोल का नारा दिया है और चार सितंबर को दिल्ली में ‘महारैली’ की जा रही है। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि केंद्र की सोई सरकार, महंगाई को काबू करने के लिए कुछ कदम उठाने को मजबूर होगी। उन्होंने दावा किया कि यह रैली व 4 सितंबर से शुरू हो रही कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ऐतिहासिक रहेगी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगामी जोधपुर दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि शाह वहां पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के बारे में घोषणा करेंगे।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पायलट ने कहा, कि मैं समझता हूं कि यह मामला बहुत चिंताजनक है कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों के खिलाफ घटनाओं में वृद्धि हुई है। राज्य में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिए और फिर सरकार को मिलकर काम करना चाहिए कि हम मामलों में कैसे नियंत्रण में लाएं और लोगों को समय पर न्याय मिले। यह बहुत जरूरी है।

पायलट ने कहा, हमें इस तरह का माहौल बनाना होगा कि कोई भी व्यक्ति बच्चियों, दलितों, आदिवासियों व महिलाओं के खिलाफ कोई अत्याचार नहीं कर सके। यह जिम्मेदारी हम लोगों की है...। उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार बीते साल, 2021 में देश में बलात्कार के सबसे अधिक मामले राजस्थान में दर्ज किए गए।

राजस्थान के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के हालिया छात्र संघ चुनाव में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रत्याशियों के खराब प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि इन परिणामों पर पार्टी व एनएसयूआई को चिंता करनी चाहिए कि ऐसे परिणाम क्यों आए।