भारत जोड़ो यात्रा : देश में ऐसा भय नफरत का माहौल बन गया जिससे पूरा देश चिंतित - गहलोत

 
Bharat Jodo Yatra: There has been an atmosphere of fear and hatred in the country, due to which the whole country is worried - Gehlot

Congress's 'Bharat Jodo Yatra'- कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा‘ से पहले पार्टी अध्यक्ष के नाम को लेकर लगाए जा रहे कयासो से चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि देश के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का मुकाबला करने के लिए ये मार्च निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष बनें, कन्याकुमारी से ऐतिहासिक यात्रा शुरू (Rahul Gandhi should become president, historic journey begins from Kanyakumari) हो रही है। इस यात्रा का महत्व पूरा देश समझ रहा है।

सोनिया गांधी की मौजूदगी में उदयपुर में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा का आइडिया दिया, इस यात्रा की नौबत क्यों आयी क्योंकि देश में आजादी के बाद देश में ऐसा भय नफरत का माहौल बन गया जिससे पूरा देश चिंतित है। इस माहौल को ठीक करने के लिए प्रधानमंत्री से हमने कई बार कहा देश वासियों से शांति सद्भाव बनाए रखने के लिए अपील करे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

‘देश में गृहयुद्ध की स्थिति‘
कन्याकुमारी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गहलोत ने कहा, ‘बीजेपी की नीतियां देश को विभाजित करने की हैं और यह खतरनाक है, जो देश को गृहयुद्ध के कगार पर खड़ा कर सकती है. कांग्रेस इसकी अनुमति नहीं देगी और इस यात्रा का फोकस ध्रुवीकरण का मुकाबला करना है। उन्होंने कहा, ‘अगर यही हाल रहा तो लोगों को अपनी जान का डर सताएगा, ‘जाति, वर्ग,समाज में धर्म के नाम पर नफरत पैदा और आपस में दूरियां बन गयी। इस स्थिति में देश को नहीं सम्भाला तो गृह युद्ध की स्तिथि बन सकती है। इसलिए राहुल गांधी ने सोचा इस नफरत को मिटाने के लिए भाइचारे की भावना को वापस स्थापित करने के लिए सत्य अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की जयंती पर यह यात्रा शुरू किया जाये।

राहुल गांधी ने अपने पिता दादी को खोया है इसलिए उनको उस दर्द का एहसास है। आज सुबह श्रीपेरंबदूर गए और राजीव गांधी मेमोरियल में प्रार्थना में शामिल हुए, एक जवान ने इतनी नफरत से लड़ते हुए शहादत देखी हो। राहुल गांधी अब फिर देश में नफरत हिंसा के हालात नहीं देखना चाहते है इसलिए यह भारत जोड़ो यात्रा का निर्णय लिया।

मोदी जी, केंद्र सरकार, बीजेपी, त्ैै के पास अभी भी समय है, राहुल गांधी की इस यात्रा के संदेश को समझें नहीं तो देश की वर्तमान पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी। देश की आजादी में कितनी महान हस्तियों ने अपनी कुर्बानियों दी उनके इतिहास को भुलाने की कोशिश कर रहे हो, नयी पीढी की अंधेरे में रखने का प्रयास कर रहे हो।

मुखयमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आजादी के पहले और बाद का इतिहास मिटा रहे हो, नेहरू, गांधी, पटेल सहित कितने महान क्रांतिकारी नेता हुए जिनके बूते आजादी मिली उनको भुला दिया। नेहरू के बिना अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इनकी नीयत सही नहीं है इनको गलतफहमी है कि पहले का इतिहास मिटा कर नया इतिहास बना लेंगे यह असंभव है।

इस यात्रा से देश में सकारात्मक मैसेज जाएगा। अपने इतिहास को खोजने की ललक पैदा होगी, देश की अखंडता, भाइचारे, अनेकता में एकता वाला देश है। हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि देश को अखंड रखें, प्यार मोहब्बत और भाइचारे से रहे। समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं हो, इसके लिए भारत जोड़ो यात्रा की जा रही है।