प्रियंका गाँधी की रात के समय गिरफ्तारी मामले में राष्ट्रपति सचिवालय ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

महिला अधिकारों के हनन पर बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने दायर की थी याचिका
 
प्रियंका गाँधी की रात के समय गिरफ्तारी मामले में यूपी सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी को सीतापुर में रात के समय उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला संरक्षण के वैधानिक नियमों की अवहेलना करते हुये बिना मजिस्ट्रेट वारंट के गिरफ्तार करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

बूंदी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी को सीतापुर में रात के समय उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला संरक्षण के वैधानिक नियमों की अवहेलना करते हुये बिना मजिस्ट्रेट वारंट के गिरफ्तार करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

इस मामले में राजस्थान के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा द्वारा भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम ऑनलाइन याचिका दायर करने के बाद गुरुवार को नई दिल्ली राष्ट्रपति सचिवालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रात के समय गिरफ्तार करने के मामले में बूंदी राजस्थान के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने राष्ट्रपति सचिवालय व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली में अधिकृत शिकायत दर्ज करवायी थी। उल्लेखनीय है कि रविवार रात को लखीमपुर खीरी में पीड़ित किसान परिवारों से मिलने जा रही प्रियंका गाँधी व उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा व निजी सहायक संदीप को सीतापुर में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वीडियो में प्रियंका गाँधी पुलिस अधिकारियों से गिरफ्तारी का वारंट बताने की मांग करते हुये दिखी थी। लेकिन उस समय पुलिस के पास कोई वारंट नहीं था।

मुख्यमंत्री कार्यालय देगा राष्ट्रपति को जवाब
राष्ट्रपति सचिवालय ने याचिका को उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है। राष्ट्रपति सचिवालय उत्तर प्रदेश सरकार से 15 दिवस में जवाब मांगा है। याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से कहा गया है  कि 15 दिन में कार्यवाही नहीं होने पर उत्तरप्रदेश सरकार से दोबारा जवाब मांगा जायेगा।  याचिका के संदर्भ में  उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रपति सचिवालय को जवाब देने के लिये मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव भास्कर पाण्डेय को नियुक्त किया गया है।  

यह कहा गया है याचिका में
राष्ट्रपति सचिवालय में इस मामले में राजस्थान के कांग्रेस नेता मानवाधिकार कार्यकर्ता चर्मेश शर्मा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को रात्रि के समय उत्तर प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर उच्चतम न्यायालय व भारतीय संविधान की ओर से महिलाओं को दिये गये विशेष अधिकारों व संवैधानिक प्रावधानों का हनन किया गया है। याचिका में कहा गया है कि भारतीय संविधान सीआरपीसी की धारा 46 के अनुसार हमारे देश में किसी भी महिला को सूर्यास्त के पश्चात व अगले दिन सूर्याेदय से पहले रात में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों पर आपराधिक कृत्य का आरोप
याचिका में कहा गया है कि कानून के अनुसार विशेष परिस्थिति में किसी महिला को यदि गिरफ्तार भी करना पड़े तो उसमें प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट की अनुमति व वारंट अनिवार्य है। महिला के नाम मजिस्ट्रेट द्वारा वारंट जारी किया जाना चाहिए जिस पर मजिस्ट्रेट के अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर होने चाहिये। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार के दबाव में सीतापुर के पुलिस अधिकारियों पर बिना मजिस्ट्रेट वारंट रात के समय कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगाया है। याचिका में राष्ट्रपति भवन की निगरानी में जांच की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश के दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है।