मुंह छिपाकर पहुंची कोर्ट, बूंदी महिला थाना प्रभारी-कांस्टेबल को 15 दिन की जेल, 7 हजार की रिश्वत लेते हुई थी ट्रेप

 
बूंदी महिला थाना प्रभारी-कांस्टेबल को 15 दिन की जेल

कोटा। दहेज प्रताड़ना के मामले में राजीनामा लिखवाने व मामले को रफा-दफा करने की एवज में 7 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई बूंदी महिला थाना प्रभारी व कांस्टेबल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों बारां की टीम ने आज कोटा एसीबी कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को कोर्ट ने 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

पेशी के दौरान महिला थाना प्रभारी अंजना नोगिया अपना मुंह ढककर कोर्ट में पहुंची। बारां एसीबी डीएसपी अनीस अहमद ने बताया कि कोर्ट से रिमांड की मांग की थी। कोर्ट ने दोनों को 9 दिसंबर तक जेल भेजने के आदेश दिए है।

इधर एसीबी की दो टीमों ने आरोपियों की घर की तलाश ली। सर्चिंग के दोरान महिला थाना सीआई अंजना नोगिया के कोटा में एक मकान मिला है। बजरंग नगर आदित्य आवास में डेढ़ साल पहले ही 25 बाई 60 का मकान खरीदा था। जिसमें वो 7-8 दिन पहले ही शिफ्ट हुए थे।

परिवादी ने 18 नवंबर को बारां एसीबी में लिखित में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी पत्नी बूंदी में रहती है। विवाद के चलते पत्नी ने उसके खिलाफ महिला थाना बूंदी में रिपोर्ट कर रखी है। महिला थाना पुलिस ने परिवादी को थाने बुलाया। रिपोर्ट में राजीनामा लिखवाने व मामले को रफा-दफा करने के लिए थाना प्रभारी अंजना नोगिया व कांस्टेबल सुरेश कुमार जाट ने 10 हजार की रिश्वत मांगी। 19 नवंबर को शिकायत सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रेप का जाल बिछाया।

बुधवार को परिवादी ने कांस्टेबल सुरेश को 7000 रुपए दिए। इशारा मिलते ही एसीबी थाने में पहुंची। टीम को देखकर थाने में हड़कंप मच गया। मौका पाकर कांस्टेबल सुरेश दौड़ता हुआ थाने की छत पर पहुंच गया। अपने आप को बाथरूम में बंद कर लिया। उसने रिश्वत की रकम बाथरूम की खिड़की से थाने के पीछे फेंक दी। 5 मिनट बाद कांस्टेबल ने गेट खोला। मामले में संलिप्तता सामने आते ही महिला थानाप्रभारी नोगिया को भी गिरफ्तार किया।