बूंदी: विवाहिता ने लगाया फंदा, सुसाइइड नोट में लिखा अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता इसलिए मैं अपनी जान दे रही हूं

युवती के पास से एक 2 पेज का सुसाइड नोट भी मिला जिसमें  उसने ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाये है।

मामले कि जांच हिंडोली उपखंड अधिकारी कर रहे है।

 
थाना पुलिस कार्यवाही में जुटी

बूंदी। हिंडोली थाना क्षेत्र के तालाब गांव में बुधवार देर शाम को 20 साल की एक विवाहिता ने अपने घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अचानक हुई इस घटना से इलाके के लोग हैरान रह गए। विवाहिता के सुसाइड करने की सूचना पर पुलिस उप अधीक्षक श्यामसुंदर विश्नोई, उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका स्थिति का जायजा लिया। युवती के पास से एक 2 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। जिस पर उसने ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाये है। विवाहिता का गुरुवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। मामले कि जांच हिंडोली उपखंड अधिकारी कर रहे है। वहीं थाना पुलिस कार्यवाही में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार देर शाम को तालाब गांव निवासी 20 वर्षीय नसरीन पुत्री फखरुद्दीन ने अपने घर में फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे उससे उतारकर अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया तथा मामले को लेकर पुलिस परिजनों से जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

नसरीन की 17 मार्च 2020 को तालाब गांव के रहने वाले साहिल से निकाह हुआ था। पति से अनबन के चलते वह पीहर में आकर रह रही थी। मृतका के पिता फारूक का कहना है कि निगाह के बाद से ही ससुराल वाले नसरिम को परेशान कर रहे थे। साहिल के बाप अख्तर, मां सलमा व दादी भी उससे मारपीट व दहेज के लिए परेशान कर रहे थे।

 पोस्टमार्टम कि कार्यवाही करते हुए


सुसाइड नोट में बयां की ये बात-
वहीं विवाहिता के पास दो पेज का सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है हाय मम्मी अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता इसलिए मैं अपनी जान दे रही हूं आप सब से हाथ जोड़कर मेरी विनती है कि मेरी सारी चीजें मेरी बहन फरीन हो दे देवें और मेरे मासी मोटा के यहां रखा मेरा हर एक सामान मेरी बहन को जो मेरे सारे चुड़े, सारे सूट, सारा 1-1 कील भी मेरी बहन को दो और मुझे माफ करना अम्मी और बाबूजी, मैं दादाजी के पास जा रही हूं। क्योंकि मुझे यहां कोई नहीं समझ पाया इसलिए मैं यह कर रही हुं, मेरे मरने का कारण सलमा चाची, अख्तर चाचा, मासी मोटा, मासन कमरू, साहिल है। इन लोगों ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। कोई अपनी बेटी सेलू खानदान में नहीं दे और शेष करके सलमा के यहां नहीं दें। वरना उसका भी यही हाल होगा जो मेरा हुआ है। इसलिए चाहे बेटी को जहर देकर मार दो पर उस घर में नहीं देना, मेरे परिवार का ख्याल रखना, चाचा, चाची, मम्मी, पापा, दादी, बहन, बूबू और मेरे सारे छोटे बहन भाइयों का।  मैं पूरी बात नहीं बता सकती कि घर में मेरे साथ क्या हुआ था फिर भी मैं उनकी इज्जत बचा करके जा रही हूं । मेरी बाली, मंगलसूत्र, झुमकी और साहिल को दी हुई अंगूठी मेरी बहन को देना, मेरी सारी चीज मेरी बहन को देवे यही मेरी आखिरी इच्छा है। क्योंकि मेरा कैरेक्टर साफ है मैं इस पर दाग नहीं लगाना चाहती इसलिए मैं सुसाइड कर रही हूं और मैं अल्लाह से विनती करूंगी कि मुझे वापस इस दुनिया में ना दे, मुझे इस दुनिया से बेहद नफरत है।

 साहिल को अपनी बेटी वही दे जो अपनी बेटी से बहुत ज्यादा नफरत करता हो, वरना अपनी बेटी को बचा कर रखें। मेरी सास बहुत बुरी है, वे लोग मेरे जनाजे को हाथ भी नहीं लगाये। मेरे दिल से उनके लिए बहुत नफरत है बद्दुआ देती हूं कि उनके घर मैं कभी लड़का नहीं हो, लड़की ही लड़की हो, वह लोग कभी भी सुकून से ना जिए, कोई उनके साथ नहीं हो, वह लोग बर्बाद हो जाए। अख्तर साहिल, कालू, सलमा, अरशद सिंकू, शेरू, कमरू, मोटा सब बर्बाद हो जाए, यह मेरी बद्दुआ है उन लोगों के लिए ह’’’’ सब के सब कट कट के मरेंगे किसी की बेटी की जिंदगी बर्बाद करके यह लोग कभी भी सक्सेज नहीं हो सकते, मैं जा रही हूं । मुझसे कोई गलती हो तो मुझे माफ करना। क्योंकि वह मेरी गलती है उसकी सजा अल्लाह ने मुझे दे दी, ऐसे घर में मेरी शादी करके, यही मेरे हर गुनाहों की सजा थी, कोई अपनी बेटी को उस घर में ना दे, कृपया अपनी बेटी पर रहम खाए। अपनी बेटी को बचा लें। क्योंकि मैं सारी बात खुलकर नहीं कह सकती हूं जो हुआ है मेरे साथ हुआ है, इसलिए किसी को कुछ नहीं पता।  आई लव यू माय फेमिली, मिस यू माय परिवार, आप लोगों ने मुझे इस काबिल बनाया उसके लिए थैंक यू नसरीन” ।