बूंदी : अजेता सरपंच और सचिव 50 हजार की रिश्वत लेते ACB ने किया रंगे हाथों गिरफ्तार

 
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बूंदी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बूंदी की टीम ने कार्यवाही करते हुए अजेता ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को ₹50.000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी, परिवादी ठेकेदार के करीब 10 लाख रूपए के निर्माण कार्य के बिल पास करने की एवज में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। आरोपी सरपंच बूंदी पंचायत समिति सरपंच संघ का अध्यक्ष भी बताया जा रहा है।

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस उप अधीक्षक ज्ञान चंद मीणा ने बताया कि परिवादी प्रहलाद प्रजापत निवासी लुहारपुरा थाना देई जिला बूंदी ने एसीबी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि उसकी फर्म मैं नंदेश्वर बिल्डिंग मटेरियल द्वारा ग्राम पंचायत अजेता में ₹30.00000 के निर्माण कार्य 6-7 माह में करवाए गए। जिनके बिल परिवादी द्वारा सचिव को पेश करने पर उनमें से कुछ बिलों की राशि परिवादी के खाते में जमा हो गई तथा बाकी राशि करीब ₹10.00000 का भुगतान होना बाकी है। जिसकी एवज में सचिव धनराज मीणा, सरपंच जगदीश प्रसाद मीणा ने परिवादी से 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग की। जिसपर परिवादी द्वारा 20 नवंबर को ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई। जिसका उसी दिन सत्यापन करवाया गया। सत्यापन में दोनों आरोपियों द्वारा परिवादी से एक लाख रूपये रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई।

इसके बाद परिवादी ने रिश्वत राशी देने के लिए आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होने परिवादी से कहा कि तुम कहीं मत आओं हम खुद आ रहे है। जिस पर एसीबी ने ट्रेप कार्यवाही योजना बनाई। सोमवार को आरोपी सचिव धनराज मीणा, सरपंच जगदीश प्रसाद मीणा अपनी कार से खटकड़ तिराहे के पास केशोरायपाटन रोड बूंदी आये और परिवादी से रिश्वत की राशि संबंधी वार्ता की। वार्ता करने के पश्चात सचिव धनराज मीणा ने 50 हजार रूपये रिश्वत राशि लेकर अपनी पहनी हुई पेंट की जेब में रख ली। पहले तैयार एसीबी ने इशारा पाते ही सचिव धनराज मीणा की पेंट से रिश्वत की राशि ₹50.000 बरामद कर दोनों आरोपियों को डिटेन कर लिया।
कार्यवाही के दौरान पुलिस उप अधीक्षक ज्ञान चंद मीणा, पुलिस निरीक्षक ताराचंद, रामसिंह, जितेंद्र सिंह, चंद्रेश गोयल, राजकुमार और स्वतंत्र गवाह मौजूद रहे।