रीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बतीलाल की गिरफ्तारी के बाद गिरोह में दो नाम उनियारा सेे सामने आने पर मची खलबली

- रीट पेपर लीक मामले में उनियारा उपखण्ड क्षेत्र से भी अन्य अधिकारियों के नाम आ सकते है सामने
 
 मुख्य आरोपी बतीलाल की गिरफ्तारी के बाद गिरोह में दो नाम उनियारा

टोंक/उनियारा,(शिवराज मीना/मुजम्मिल सारण)। राज्य सरकार के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर द्वारा गत माह 26 सितम्बर को आयोजित की गई रीट परीक्षा से पूर्व ही पेपर लीक मामले में सरगना आरोपी बतीलाल मीणा का नाम सामने आने पर उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह में शामिल दो नाम टोंक जिले के उनियारा उपखण्ड क्षेत्र से सामने आने पर उपखण्ड प्रशासन में अचानक से खलबली मचने के साथ ही प्रशासन के हाथ-पांव फूलते नजर आ रहे हैं। उनियारा उपखण्ड क्षेत्र से सामने आए नामों में एक आरोपी उनियारा पंचायत समिति मुख्यालय अलीगढ़ में मनरेगा विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर कार्यरत हैं, जो चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के आदलवाडा गांव निवासी हाल निवास मोतीनगर खेरदा सवाईमाधोपुर में रहता है। जबकि दूसरा आरोपी उनियारा उपखण्ड क्षेत्र के पागड़ी गांव निवासी रवि मीणा है, जो खेरदा सवाई माधोपुर बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं।

उनियारा उपखण्ड क्षेत्र में भ्रष्टाचार इस कदर है कि जिसका जीता जागता उदाहरण रीट परीक्षा पेपर लीक में हुई गडबडी में एक मनरेगा कनिष्ठ अभियन्ता की मिलीभगत से उजागर हुआ है, कनिष्ठ अभियन्ता द्वारा लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। रीट पेपर लीक गिरोह के आरोपी कनिष्ठ अभियन्ता के मोबाईल की लोकेशन एवं कॉल डिटेल से मामले में अब कई राज खुलने की सम्भावनाएं बनती नजर आ रही है। आरोपियों की काल डिटेल से उनियारा उपखण्ड क्षेत्र के ओर भी कुछ अधिकारियों के मिलीभगत होने का अंदेशा बना हुआ है, जिससे क्षेत्र के आमजन में सभी जगहों पर चाय-पान की दुकानों पर एक ही चर्चा है कि एक कनिष्ठ अभियन्ता ने भी लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।

वहीं जानकारी में आया है कि इस कनिष्ठ अभियन्ता के पास कई तरह के सिम कार्ड है, जिनकी मदद से वह नम्बर बदल-बदल कर बात करता है। जहाँ आरोपी के सभी मोबाईल सिम कार्ड की लोकेशन एवं कॉल डिटेल को पुलिस एवं जांच एजेंसी एसओजी गहनता से खंगालकर जांच पडताल रही है। वहीं कनिष्ठ अभियन्ता से मिलीभगत एवं नज़दीकियां रखने वाले कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों व लोगों के फोन भी अब स्विच ऑफ होते जा रहे है। सवाल यह है कि आखिरकार पंचायत समिति अलीगढ़ में कार्यरत कनिष्ठ अभियन्ता पृथ्वीराज मीणा के व्हाट्सएप नम्बर पर रीट का पेपर परीक्षा से पूर्व ही तड़के 4 बजे करीब अल सुबह किस नम्बर से आया और किसने किया, अभी उसका खुलासा होना बाकी है।

एसओजी की टीम ने अब तक मुख्य आरोपी बत्तीलाल एचेर व शिवा चकेरी सवाईमाधोपुर को सोमवार को केदारनाथ से पकड़ा था, उसके बाद पूछताछ में बत्तीलाल के बताये अनुसार तीन अन्य आरोपियों में पृथ्वीराज जेईएन आदलवाडा, रवि लाईनमैन पागड़ी व निजी स्कूल संचालक रवि जीनापुर को आगरा से गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया है।  एसओजी टीम की गहन पूछताछ में आरोपी बत्तीलाल ने बताया कि मुझे तो रीट परीक्षा का पेपर पृथ्वीराज जेईएन ने दिया था। वहीं जानकारी में आया है कि बत्तीलाल के पास रीट परीक्षा का पेपर करीब 10 से 12 लाख रुपए में आया था। अब तक रीट पेपर लीक मामले में एसओजी की टीम द्वारा 19 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। मामले के संदिग्ध व अन्य आरोपियों में आरएएस, आरपीएस, शिक्षा विभाग के अधिकारी व पुलिस कार्मिक सहित अन्य राजकीय कर्मचारी शामिल है। एसओजी टीम द्वारा मामले में लगातार आरोपियों से गहन पूछताछ कर कडी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारियां की जा रही है।