सीकर: सास और बहू की धारदार हथियार से हत्या कर 50 लाख का सोना लूटा, अंगुलियां काट डाली

 
सस और बहू की धारदार हथियार से हत्या कर 50 लाख का सोना लूटा, अंगुलियां काट डाली

सीकर। जिले के श्रीमाधोपुर इलाके के कोटडी सीमारला गांव में लूट के इरादे से सास और बहू की धारदार हथियारों से हत्या करने की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने सास बहू की हत्या कर घर से करीब 50 लाख का सोना लूटने वाले 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में घर में काम करने वाले एक पेंटर की महत्वपुर्ण भूमिका रही है। 12 दिन पहले श्रीमाधोपुर इलाके के कोटडी सीमारला में पूरणमल कुमावत के घर में घुसे बदमाशों ने पूर्णमल की पत्नी और उसकी मां की धारदार हथियारों से बुरी तरह से जख्मी कर हत्या कर दी थी।

पूरणमल उस समय अपनी दुकान पर गया हुआ था और वापस लोटा तो सास बहू जख्मी हालत में पड़ी मिली। घर की तिजोरी से करीब 50 लाख का सोना चांदी गायब था। वारदात के बाद बदमाश घर के पीछे के रास्ते से फरार हो गए थे। सीकर पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने वारदात के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है जिनमें चार लूट की वारदात में शामिल थे और एक इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता है।

पुलिस ने जब बदमाशों की तलाश शुरू की तो गांव के ही रहने वाले गोपाल सिंह की भूमिका पर पुलिस को संदेह हुआ। गोपाल सिंह का घर में आना जाना था और घर में रंग रोगन का काम भी वही करता था। इस वजह से गोपाल सिंह को यह पता था कि घर में बड़ी मात्रा में सोना चांदी है। करीब डेढ़ साल पहले गोपाल सिंह ने अपने साले जितेंद्र सिंह को इस घर के बारे में बताया था और उसके बाद यह लोग यहां वारदात करने की फिराक में थे। कुछ दिन पहले ही घर में शादी थी और इस वजह से गोपाल सिंह के साथ उसका साला जितेंद्र सिंह भी यहां पर आया और रेकी करके गया। उसके बाद वारदात के दिन चार बदमाश गाड़ी लेकर यहां पर पहुंचे और गाड़ी को घर से कुछ दूरी पर खड़ा कर दिया। घर के पीछे के रास्ते से घर में घुसे तो महिलाओं ने विरोध किया। इस पर बदमाशो ने तलवारों से उनपर हमला कर दिया और बुरी तरह से काट डाला। बदमाशों ने इस तरह से वारदात को अंजाम दिया की सास बहू के हाथों की अंगुलियां तक दूर जाकर गिर गई थी। सास बहू के बेहोश होने के बाद बदमाश यहां से सोना चांदी लूट कर फरार हो गए। सीकर पुलिस ने वारदात के अगले दिन ही गोपाल सिंह को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। इसके साथ-साथ पुलिस के डॉग स्क्वायड और टेक्निकल टीमों ने भी पूरी मदद की। इसी वजह से 2 दिन में ही वारदात का खुलासा हो गया।