in ,

राजस्थान छात्रसंघ चुनाव को लेकर तीन छात्र चढ़े पानी टंकी पर, फिर इतनी ही लड़कियो ने प्रदर्शन कर दी चेतावनी

जयपुर। छात्रसंघ चुनाव की तारीख बढ़ाने (Extension of date of student union election) को लेकर छात्र नेता नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। 48 घंटे पहले तीन छात्र नेता पानी टंकी पर चढ़ गए (Three student leaders climbed on the water tank)। अभी ये दोनों उतरे भी नहीं थे कि महारानी कॉलेज की तीन छात्राएं भी टंकी पर चढ़ गई (That three girls of Maharani College also climbed on the tank)।

जानकारी के अनुसार 48 घंटे से तीन छात्र नेता राजस्थान विश्वविद्यालय स्थित पानी की टंकी पर चढ़ कर विरोध जता रहे है। छात्र नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आत्मदाह करेंगे। वहीं गोखले हॉस्टल के सामने स्थित पानी की टंकी पर सोमवार को कोमल मोहनपुरिया, गुंजन शर्मा, कोमल वर्मा चढ़ गई। छात्राओं ने चेतावनी दी थी कि मांगों को नहीं मांगा तो वह आंदोलन को और उग्र कर सकती है। 

छात्र नेता छात्रसंघ चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग कर रहे है। इसके साथ ही छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के सामने पांच मांगें रखी है। इनमें छात्रा शिक्षा निःशुल्क किया जाए, यूजी पीजी में 100 फीसदी प्रवेश हो, कॉलेज में निःशुल्क ई-मित्र व्यवस्था रहे, ओपन जिम खोला जाए और बंद पड़े बैंक को चालू करने जैसी मांगें शामिल है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद तीनों छात्राएं टंकी से उतर गई।

दूसरी ओर छात्र नेता नरेंद्र यादव, मनु दाधीच और राहुल मीणा दो दिन पहले पानी की टंकी पर चढ़े थे। टंकी पर चढ़े छात्र नेता मनु दाधीच और नरेन्द्र यादव ने बताया कि टंकी पर वो 48 घंटे से बैठे है। प्रशासन की ओर से उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है। पिछले दो दिन से लिक्विड लेकर वह आंदोलन कर रहे है।

छात्रों का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी तो वह गलत कदम भी उठा सकते है। इसकी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। बता दें कि राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव 26 अगस्त को होने हैं। 27 अगस्त को मतगणना होगी। गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव ने छात्रसंघ चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। 

Written by CITY NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्या आ गई मंदी? या है कोई और वजह, इन कंपनियों ने लोगों को नौकरी से निकाला!

Stoa isn’t an alternative MBA, it is an alternative to MBA