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राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की बढ़ी टेंशन, होटल की जगह चले गए सरिस्का, और अब मान नहीं रहे इन 6 विधायको ने कही बड़ी बात

जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई विधायकों ने गहलोत सरकार के खिलाफ बग़ावती तैवर दिखाना शुरू (Before the Rajya Sabha elections in Rajasthan, many Congress MLAs started showing rebellious attitude against the Gehlot government.) कर दिया है, जिससे अब तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी की जीत पर संकट खड़ा होता नजर आ रहा है।  126 विधायकों में से 66 ही उदयपुर के ताज होटल पहुंचे हैं। सपा से कांग्रेस में आए और कुछ कांग्रेसी विधायकों ने उदयपुर होटल में जाने से मना करते हुए कहा कि सरकार ने हमारे साथ वादा खिलाफी कि है। इस सरकार में हमारे काम नही हो रहे हैं। कुछ विधायकों ने कहा कि कांग्रेस को हमारी वोट की गारंटी नही हैं। उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार इन विधायकों को मनाने में लगे हैं।

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव में 126 विधायकों के समर्थन वाली कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों को जीतना तय माना जा रहा था लेकिन सुभाष चंद्रा की एंट्री ने कांग्रेस के सारे समीकरण बिगाड़ दिए हैं। कांग्रेस ने अपने विधायकों को बीजेपी के पाले में जाने से रोकने के लिए सभी को उदयपुर के ताज होटल में रवाना करने का फ़ैसला किया। यहां कुल 66 विधायक ही उदयपुर पहुंचे और जिनमें 7 अपने साधनों से रवाना हुए।  मगर 6 विधायक जिनमें सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र गुढा, ढांग विकास क्षेत्र के चेयरमैन लाखन मीणा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाडी लाल बैरवा, संदीप यादव, वाजिब अली और गिर्राज मलिंगा सरिस्का घूमने चले गए और आज जयपुर लौटकर आए तो बाग़ी तेवर अपनाए हुए हैं। 

मंत्री गुढा ने कहा कि चौथा उम्मीदवार कौन जितेगा ये हम नहीं कह सकते हैं।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए कहा कि मुख्यमंत्री जी बातें बहुत करते हैं मगर करते कुछ नहीं है। हमसे जो वादा किया था वो पूरा नहीं हुआ।

खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि हमारी कोई सुनता नहीं है। हम इस सरकार में परेशान हैं। हम लोग सरकार का साथ दिए थे मगर दो साल से हमें कोई पूछ नहीं रहा है। विधायक लाखन मीणा ने कहा कि सरकार ने हमसे जो वादा किया था वो पूरा नहीं किया। विधायक वाजिब अली ने कहा कि हमारे बहुत दर्द और तकलीफ़ें हैं, यही मौक़ा है वर्ना डेढ़ साल बाद चुनाव हार जाएंगे।

बता दें कि इनमें से पांच विधायक इस बार बीएसपी छोड़ कर आए हैं और गिर्राज मलिंगा इसबार कांग्रेस की टिकट पर जीते हैं। मलिंगा ने कहा कि कभी ऊंट पहाड़ के नीचे आता है तो कभी पहाड़ ऊंट के नीचे आता है। विधायक संदीप यादव ने कहा कि हम बसपा छोड़कर आए थे मगर हमारे काम नहीं होते हैं और अधिकारियों ने लूट मचा रखी है। तीन दिनों से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन्हें मनाने के लिए अपने सिपहसालारों को इनके यहां भेज रहे हैं। लेकिन ये सभी मानने के लिए राजी नहीं है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ़ से इन्हें मनाने आए राजस्थान टूरिज़्म के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि परिवार में कमियां रहती हैं और शिकायते भीं।

 

Written by CITY NEWS

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