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राजस्थान भाजपा के इन 14जिलाध्यक्षों को बदलने कि तैयारी, मोर्चा-प्रकोष्ठ में पदाधिकारियों की होगी छुट्टी


जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा प्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है। भाजपा का प्रदेश नेतृत्व 14 जिलाध्यक्षों और कई मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियो की छुट्टी कर सकता है (BJP’s state leadership can leave 14 district presidents and office bearers of many front-cells)। बताया जा रहा है कि जो जिलाध्यक्ष चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, उनमें से कई लोगों ने खुद पार्टी नेतृत्व को पद छोड़ने व किसी और को जिलाध्यक्ष का पद सौंपने की पेशकश की है। बीजेपी हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व में इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है।

दरअसल, विधानसभा चुनाव-2023 और लोकसभा चुनाव-2024 तक प्रदेश में बीजेपी ऐसी टीम तैयार करना चाहती है, जो सक्रिय रहकर सिर्फ संगठन की जिम्मेदारी निभा सके। सूत्रों के मुताबिक ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है, जो विधानसभा या लोकसभा का चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं रखते हों। कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ और पहचान हो। जो अगले दो साल तक चुनाव के दौरान पार्टी के लिए पूरा समय निकाल सकें। इस पर शुरुआती वर्क भी कर लिया है।

प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह से बात कर प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया जल्द ही जिलों से लेकर मोर्चा और प्रकोष्ठ तक संगठन में बदलाव करेंगे। इस कवायद में कई निष्क्रिय पदाधिकारियों की भी छुट्टी होने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है।

राजस्थान प्रदेश बीजेपी ने पार्टी संगठन में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी की है। 15 प्रतिशत तक नए चेहरे संगठन में अलग-अलग मोर्चे, प्रकोष्ठ और प्रकल्पों के साथ ही जिलों की कार्यसमिति में लिए जाएंगे। निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी होगी। राजस्थान में मिशन-2023 की तैयारियों में बीजेपी अगले महीने नवंबर से ही जुट जाएगी। 17 दिसंबर को गहलोत सरकार के 4 साल पूरे हो रहे हैं। इससे पहले सभी संभागों में बूथ सम्मेलन और किसान सम्मेलन भी करने हैं।

सूत्रों का कहना हैं कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि राजस्थान में लोकसभा चुनाव-2024 की तैयारी भी विधानसभा चुनाव तैयारियों के साथ-साथ जारी रखी जाए। पीएम मोदी और केंद्र सरकार की जन कल्याण की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करके और मोदी के चेहरे पर ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाए।

इससे प्रदेश के चुनाव में भी बीजेपी को फायदा होगा और लोकसभा चुनाव में उतरने की भूमिका भी तैयार हो जाएगी। इसीलिए राजस्थान में सीएम फेस पहले से घोषित नहीं करके, मोदी के चेहरे और कमल के फूल के चिन्ह पर चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही है।

नवंबर-दिसंबर में बीजेपी मंडल और जिला लेवल पर आंदोलन भी खड़ा करने जा रही है। सभी जिलों और 200 विधानसभा क्षेत्रों में जन आक्रोश रैलियां-प्रदर्शन किए जाएंगे। जयपुर में एक बड़ी रैली और सभा भी इस दौरान करने की तैयारी है। जिसमें 2 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का टारगेट है। जयपुर के कार्यक्रम में पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को आमंत्रित किया जाएगा।

इन 14 जिलाध्यक्षों ने की इस्तीफे की पेशकश
राजस्थान के जिन 14 जिलाध्यक्षों ने इस्तीफे की पेशकश की है उनमें जयपुर शहर जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा, अलवर उत्तर अध्यक्ष बलवान यादव, अलवर दक्षिण जिलाध्यक्ष संजय नरूका, बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत, चूरू जिलाध्यक्ष धर्मवीर पुजारी, टोंक जिलाध्यक्ष राजेंद्र पराणा, सीकर जिलाध्यक्ष इंदिरा चौधरी, झुंझुनूं जिलाध्यक्ष पवन कुमार, भरतपुर जिलाध्यक्ष शैलेस सिंह, करौली जिलाध्यक्ष बृजलाल दिकोलिया, भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष लादूलाल तेली, अजमेर दक्षिण देहात जिलाध्यक्ष देवीशंत भूतड़ा, जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी और बाड़मेर जिलाध्यक्ष आडूराम मेघवाल ने इस्तीफे की पेशकश की है। 

Written by CITY NEWS

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