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SIT team under the leadership of Bundi SP did wonders: डोबरा महादेव पुजारी की नृशंस हत्या व मुर्ति चोरी की वारदात का पर्दाफाश, तीन अभियुक्त गिरफतार

बूंदी। SIT team under the leadership of Bundi SP did wonders- जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव (District Superintendent of Police Jai Yadav) ने बताया की रविदत्त गौड़ महानिरीक्षक पुलिस, कोटा रेंज (Ravidutt Gaur Inspector General of Police, Kota Range) के निर्देशन व किशोरी लाल एएसपी बूंदी, हेमन्त कुमार वृताधिकारी बूंदी के मार्गदर्शन में 6 जून को डोबरा महादेव, बूंदी (Dobra Mahadev, Bundi) में हुई पूजारी की नृशंस हत्या व भगवान चारभुजा की काले पत्थर की मूर्ति चोरी का बूंदी पुलिस ने पर्दाफाश (Bundi police busted the brutal murder of Poojari and theft of black stone idol of Lord Charbhuja) किया है।

Bundi police busted the brutal murder of Poojari and theft of black stone idol of Lord Charbhuja

इन्हे किया गिरफतार 

पुलिस ने वारदात में शामिल सोनू महावर पुत्र कन्हैयालाल महावर, उम्र 19 वर्ष निवासी रायथल टंकी के पास, थाना गेण्डोली जिला बूंदी, बादल पुत्र रामस्वरूप मेघवाल उम्र 20 वर्ष निवासी रजतगृह कोलोनी गेट न. 6 नैनवां रोड बूंदी, लोकेश श्रृंगी उर्फ बिटू पुत्र शिवप्रकाश श्रृंगी निवासी गेट नं. 3 नैनवां रोड बूंदी को गिरफतार किया है। अभियुक्तों से हत्या में प्रयुक्त हथियार, मूर्ति एवं वारदात में प्रयुक्त वाहन को बरामद कर अनुसंधान किया जायेगा।

ज्ञात रहे की 6 जून को पुलिस थाना कोतवाली बूंदी पर यह सूचना मिली थी कि डोबरा महादेव के पुजारी विवेकानंद दीक्षित निवासी लाखेरी की किसी अज्ञात हत्यारों ने हत्या कर दी है व चारभूजा महाराज की मूर्ति को चुरा कर ले गये है। उक्त सूचना पर पुलिस अधीक्षक जय यादव समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, घटना स्थल का जायजा लेने पहुंचे तो पुजारी विवेकानंद दीक्षित की लाश खून से लथपथ अवस्था में मिली जिसके शरीर पर धारदार हथियार के कई घाव हत्यारों एवं मृतक के बीच हुये कडे संघर्ष की कहानी कह रहे थे। वहां मौजूद व्यक्ति लाश को देखकर विचलित हो रहे थे। मंदिर का निरीक्षण करने पर भगवान चारभूजा जी की मूर्ति भी गायब थी। इस पर कोटा से एफएसएल टीम, डॉग स्कवाड एवं एमओबी टीम बूंदी को मौके पर बुलाया गया मृतक की लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां पर सर्वसमाज के आक्रोशित लोगों ने पुजारी विवेकानंद दीक्षित के हत्यारों को अविलम्ब गिरफ्तार करने एवं ठाकुर जी की मुर्ति को बरामद करने के लिए मोर्चरी पर धरना दिया। जिन्हें पुलिस द्वारा समझाईश कर आश्वस्त किया गया कि मात्र 4 दिवस में घटना का पर्दाफाश कर मुलजिमों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा एवं लोगों की आस्था के केन्द्र भगवान चारभुजा जी की मूर्ति को शीघ्र ही बरामद किया जायेगा। इस पर सर्वसमाज ने पुलिस  पर भरोसा जताते हुए धरना समाप्त किया। 

यह हत्या काण्ड पुलिस के लिये बडी चुनौती थी –
घटना वीरान एवं सुनसान स्थल पर हुई थी, जहां लोगों का आनाजाना ना के बराबर था। यहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं, कोई मोबाईल नेटवर्क नहीं ऐसे में इस हत्याकाण्ड के मुलजिमों को ढूंढना अंधेरे में तीर चलाने के समान था। परन्तु जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए अपनी टीम पर भरोसा दिखाते हुये वारदात का खुलासा करने के भरसक प्रयास प्रारम्भ किये।  

एसआईटी टीम का गठन-
चूंकि प्रथम दृष्टया यह वारदात किसी प्रोफेसनल गैंग का प्रतित हो रहा था। इसलिए घटना को गंभीरता से लेते हुये पूरी तरह प्रोफेसनल पुलिसिंग में सिद्धहस्त पुलिस टीम का चयन कर घटना का पर्दाफास करने एवं मुलजिमों की गिरफ्तारी करने के लिये जिला स्तर पर एसआईटी टीम का गठन किया गया। जिसमें सहदेव सिंह, थानाधिकारी कोतवाली बूंदी,अरविन्द भारद्वाज थानाधिकारी सदर, लोकेन्द्र पालीवाल थानाधिकारी केशवराय पाटन, रामेश्वर प्रसाद थानाधिकारी दबलाना, हरीश भारती थानाधिकारी इन्द्रगढ, मुकेश कुमार प्रभारी डी.एस.टी.बूंदी, धर्माराम थानाधिकारी लाखेरी,महेश कुमार थानाधिकारी डाबी, मुकेश यादव थानाधिकारी गेण्डोली, टीकमचंद हैड कानि. प्रभारी साईबर सैल, महेश पाराशर, हैड कानि. थाना सदर, हरिराम हैड कानि. डी.एस.टी.,राकेश बैंसला सदर, नेतराम, कोतवाली, रामराज कोतवाली, मुरारी लाल थानाकोतवाली, बूंदी शामिल रहे।

जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव द्वारा एसआईटी टीम को निर्देश देते हुये विभिन्न दिशाओं में मुलजिमों की पतारसी के लिए घटना स्थल के आसपास सघन जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सीसीटीवी कैमरे देखने, तकनीकि विश्लेषण करने और मुलजिमों के आने जाने व ठहरने के स्थानों को चिन्हित करने के लिए लगाया गया। जिस पर टीमों द्वारा लगातार बिना रूके कडी मेहनत व लगन से कार्य करके बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, अजमेर एवं जयपुर जिलों तक पेटोल पम्प, टोल, ढाबे, होटल एवं रास्ते में पडने वाले आवास एवं प्रतिष्ठानों पर लगे हजारों सीसीटीवी केमरों के फुटेज देखे जिनसे मुलजिमों के आने व जाने के सूत्र हाथ लगे। इस कार्य में नियुक्त प्रत्येक टीम के प्रत्येक सदस्य द्वारा किये गये कार्य की पल पल की निगरानी एसपी बूंदी के नेतृत्व में एएसपी एवं डीएसपी बूंदी के द्वारा की जा रही थी एवं टीम के अथक प्रयासों को देखते हुए हौंसला अफजाई कर रहे थे, उनकी समस्याएं सुन रहे थे एवं उनका निराकरण करने के हरसंभव प्रयास कर रहे थे। चूंकि घटना लोमहर्षक एवं समाज को उद्वेलित करने वाली थी, इसलिए महानिरीक्षक पुलिस, कोटा रेंज एवं पुलिस मुख्यालय जयपुर भी पुलिस अधीक्षक, बूंदी से निरन्तर संपर्करत् थे। पुलिस अधीक्षक यादव द्वारा कोटा, टोंक, अजमेर, सवाईमाधोपुर एवं जयपुर के पुलिस अधीक्षकों से टीमों को मांगे जाने पर हर संभव मदद करने के लिए समन्वय स्थापित किया गया। परिणाम स्वरूप मेहनत रंगलाई और शुक्रवार को डोबरा महादेव के पुजारी विवेकानंद दीक्षित की नृशंस हत्या काण्ड का पर्दाफास किया जाकर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

एसआईटी टीम को पुरूस्कृत करायेगे।
एसपी यादव ने कहा कि अभियुक्तों द्वारा अन्य कौन-कौन सी वारदातें की गई है, इन पर विस्तृत पूछताछ, गैंग में और शामिल सदस्यो के बारे में पूछताछ की जायेगी। पुजारी विवेकानंद दीक्षित हत्याकांड को केस ऑफिसर स्कीम में लिया जाकर मुल्जिमों को शीघ्र सजा करवाई जायेगी। साथ ही हत्याकांड का खुलासा करने और आमजन में विश्वास कायम वाली एसआईटी टीम को जिला स्तर, रेंज स्तर एवं पुलिस मुख्यालय स्तर पर पुरूस्कृत कराया जायेगा।

 

Written by CITY NEWS

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