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राजस्थान में 7-8 को लगेगा उद्योगपतियों का मेला, सीएम ने की राजस्थान रत्न अवार्ड के विजेताओं के नामों की घोषणा

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने इनवेस्ट राजस्थान समिट 2022 (Invest Rajasthan Summit 2022) के लिए सीएम आवास पर प्रेस वार्ता आयोजित की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री शंकुतला रावत, मुख्य सचिव उषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग वीनू गुप्ता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कुलदीप रांका, सचिव मुख्यमंत्री गौरव गोयल, बीआईपी आयुक्त ओम कसेरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। 

उल्लेखनीय है कि इनवेस्ट राजस्थान समिट के आयोजन के लिए कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) को नेशनल पार्टनर नियुक्त किया गया है, जो समिट के आयोजन के लिए राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान रत्न अवार्ड के विजेताओं की घोषणा की। उन्होंने जानकारी दी कि इस साल के राजस्थान रत्न अवार्ड जस्टिस दलबीर भंडारी, जस्टिस आरएम लोढ़ा, उद्योगपति अनिल अग्रवाल, उद्योगपति एलएन मित्तल, शीन काफ निजाम और केसी मालू को दिए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने बताया, राजस्थान समिट से पहले महीने नवंबर 2021 से सितंबर 2022 के मध्य अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रोड शो आयोजित किए गए थे। राज्य सरकार की ओर से 10.44 लाख करोड़ रुपये के 4,192 एमओयू/एलओआई हस्ताक्षरित किए गए। 4,192 एमओयू/एलओआई में से कुल 1680 एमओयू/एलओआई क्रियान्वित अथवा क्रियान्वयन के चरण में हैं, जो कि लगभग 40 प्रतिशत हैं। उक्त एमओयू/एलओआई में से कुछ प्रमुख एमओयू/एलओआई का शिलान्यास और उद्घाटन इनवेस्ट राजस्थान समिट के उद्घाटन सत्र में 7 अक्टूबर को किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समिट का उद्देश्य राजस्थान में विभिन्न निवेश क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों का व्यापक प्रचार कर नए निवेश को आकर्षित करना है। नए निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन और राज्य को औद्योगिक गन्तव्य के रूप में स्थापित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इनवेस्ट राजस्थान समिट 2022 दो दिवसीय कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रथम दिवस 7 अक्टूबर को पूर्वाह्न में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उद्घाटन सत्र आयोजित किया जाएगा।

उद्घाटन सत्र के उपरान्त एनआरआर, पर्यटन, स्टार्टअप, फ्यूचर रेडी सेक्टर, एग्री बिजनेस पर समानान्तर सेक्टोरल कॉनक्लेव आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, कि समानान्तर सेक्टोरल सत्रों में उस सेक्टर से संबंधित विशिष्ट व्यक्तियों को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। समिट के अंतर्गत आयोजित होने वाला प्रत्येक सत्र अपने आप में भिन्न होगा, जो कि एक विकसित राजस्थान की छवि को प्रदर्शित करेगा। 8 अक्टूबर को एमएसएमई कॉन्क्लेव आयोजित की जाएग, जिसके अन्तर्गत एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक विकसित किए जाने व इस क्षेत्र में उपलब्ध नई निवेश संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश से अनेक उद्योगपति भाग लेने आएंगे। इनमें एलएन मित्तल (आरसेलर मित्तल ग्रुप), गौतम अडाणी, चौयरमेन (अडाणी ग्रुप), सीके बिरला (सीके बिरला ग्रुप), पुनीत चटवाल (इंण्डियन होटल्स कम्पनी), डाक्टर प्रवीर सिन्हा (टाटा पावर कंपनी लिमिटेड), कमल बाली (बोल्यो ग्रुप), अजय श्रीराम (डीसीएम श्रीराम), अनील अग्रवाल (वेदान्ता ग्रुप), बी सन्थानम (सेन्ट गोबेन) और संजीव पुरी (आईटीसी) आदि कुछ प्रमुख नाम हैं।

प्रेस वार्ता की समाप्ति के पहले मुख्यमंत्री ने कहा, एमओयू/एलओआइ के क्रियान्वित अथवा क्रियान्वयन के चरणों में प्रस्तावित निवेश में 57 प्रतिशत भागीदारी के साथ उर्जा सेक्टर मुख्य सेक्टर के रूप में उभर कर आया है। इसके अतिरिक्त केमिकल्स और पेट्रो केमिकल्स 18.2 प्रतिशत, टेक्सटाइल 9.5 प्रतिशत, पेट्रोलियम और गैस 5.9 प्रतिशत, सीमेन्ट 4.6 प्रतिशत और टेक्सटाइल की 3.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

 

Written by CITY NEWS

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