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PM मोदी की मानगढ़ जनसभा की तैयारी जोरो पर, तीन राज्यों के आदिवासियों को साधने की कोशिश

जयपुर। भाजपा और कांग्रेस तीन राज्यों के आदिवासियों को साधने की कोशिश में जुटी है। आदिवासियों को साधने की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित आदिवासियों के प्रमुख धार्मिक स्थल मानगढ़ धाम में जनसभा (Public meeting in Mangarh Dham, the main religious place of tribals) को संबोधित करेंगे।

मानगढ़ धाम राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के आदिवासियों की आस्था का केंद्र है। तीनों राज्यों के आदिवासी नियमित रूप से मानगढ़ में पहुंचते हैं। इस साल होने वाले गुजरात और करीब 13 महीने बाद होने वाले राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए मोदी की सभा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग
मानगढ़ में सभा कर मोदी तीनों राज्यों के 98 विधानसभा क्षेत्रों को साधेंगे। उधर राजस्थान में चार जिलों के आदिवासियों को लुभाने के लिहाज से म़ुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की है। मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिहाज से गहलोत आदिवासियों के बीच कांग्रेस संगठन के माध्यम से जागरूकता अभियान प्रारंभ करने की तैयारी कर रहे हैं।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मानगढ़ धाम के गुमनाम नायकों को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 1913 में ब्रिटिश सेना ने मानगढ़ धाम में 1500 से ज्यादा आदिवासियों का नरंहार किया था। गोविंद गुरू के नेतृत्व में आदिवासियों ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया तो उनका नरसंहार किया गया था। इस मौके पर होने वाली सभा में तीनों राज्यों के करीब एक लाख आदिवासियों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि कार्यक्रम तो सरकारी है, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक ही माना जा रहा है। मानगढ़ गुजरात सीमा के निकट स्थित है। सरकारी कार्यक्रम होने के कारण राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एवं केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी मौजूद रहेंगे।

एक तरफ भाजपा पीएम के कार्यक्रम से तीनों राज्यों में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 98 विधानसभा सीटों को साधने की रणनीति बना रही है। वहीं, दूसरी तरफ गहलोत ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग कर राजस्थान में चार जिलों आदिवासियों को साधने की कोशिश की है। गहलोत ने ट्वीट कर कहा, राजस्थान सरकार ने केंद्र को आश्वस्त किया है कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने में हर सम्भव मदद दी जाएगी। गहलोत ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि पीएम एक नवंबर को मानगढ़ धाम के दौरे पर इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर देंगे।

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, सह प्रभारी विजय साहटकर, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया के साथ ही आदिवासी इलाके के सांसद और भाजपा नेता भीड़ जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा एवं गुजरात के भाजपा अध्यक्ष सी.आर.पाटिल ने प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। राजस्थान में अनुसूचित जनजाति के लिए 25, गुजरात में 27 और मध्यप्रदेश में 47 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं।

 

Written by CITY NEWS

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